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शादी की सुहानी रात


हैल्लो दोस्तों, दोस्तों सबसे पहले में अपने बारे में बता दूँ कि मेरा नाम कुसुम है और में एक आर्ट्स कॉलेज के पहले साल में पढ़ती हूँ और मेरे फिगर का आकार 34-28-34 है, हमारे घर में मेरी मम्मी, पापा और मेरा एक भाई भी है मेरी उम्र 18 साल है, रंग गोरा बूब्स एकदम गोल है. में दिखने में बहुत सुंदर हॉट सेक्सी लगती हूँ यह सभी मुझसे मेरे दोस्त कहते है.

दोस्तों मैंने अपनी पिछली कहानी में लिखा था कि कैसे हमारे कॉलेज की तरफ से हम लोग बाहर घूमने गए और वहीं पर मेरी और हेमा की हम दोनों के बॉयफ्रेंड के साथ उनके एक दोस्त जिनका नाम राजेश, संदीप और जितेन्द्र है उन तीनों ने मिलकर हम दोनों को बहुत जमकर चोदा और उस रात को हम दोनों उन तीनों की कुंवारी पत्नी की तरह रही और उस वजह से हम दोनों उन तीनों से पूरी तरह से खुल गयी थी. हम सभी एक दूसरे से अब पूरी तरह से गंदे शब्दों में बातें करने लगी थी और उन तीनों ने हम दोनों को उन दिनों हमारे नाम से कभी भी नहीं बुलाया वो हमें हमेशा गाली देकर ही बुलाते रहे.

अब हमें भी उनके साथ यह सब करने में बड़ा मस्त मज़ा आने लगा था और हम सभी कुछ दिनों बाद वहां से वापस अपने घर आ गयी. फिर उसके बाद एक बार जितेन्द्र और उसके दो दोस्तों ने मिलकर कैसे मुझे रंडी की तरह चोदा यह बात जब मैंने अपनी सहेली हेमा को बताया तो वो मुझसे बहुत गुस्सा हुई और वो मुझसे कहने लगी कि तू मुझे क्यों अपने साथ नहीं ले गयी? फिर उसके कुछ दिनों के बाद ही बाद जितेन्द्र की बहन की शादी थी, इसलिए उसने हम दोनों को भी उस शादी में आने के लिए कहा.

वहां पर जाने के लिए हम दोनों झट से तैयार हो गई, शनिवार के दिन महिला का संगीत था और रविवार रात की शादी थी और शनिवार के दिन सुबह जल्दी में हेमा के घर चली गयी और अब दोस्तों आप लोग आगे की कहानी को सुनकर उसका मज़ा लेना शुरू करे.

में : वहां पर आज रात का प्रोग्राम है तू थोड़ा जल्दी कर.

हेमा : हाँ अभी चलेंगे यार, वैसे तू क्या पहनेगी?

में : अगर में में साड़ी पहन लूँ तो उसको वो रात को उतारेंगे.

हेमा : में तो जींस पहनूंगी, साली उस दिन तूने अकेली अपनी चूत की सेवा करवा ली.

में : हाँ आज तू भी अपनी सेवा जी भरकर उनसे करवा लेना, लेकिन यार वो लोग बड़े दमदार थे.

हेमा : हाँ चूत और लंड अपने आप जान पहचान कर लेते है.

में : हाँ यार ऐसा ही हुआ होगा तभी तो मुझे बड़ा मस्त मज़ा आया.

हेमा : तू अब आज रात के लिए अपनी चूत को तैयार कर ले कमिनी.

में : हाँ यार में तो पूरी तरह से तैयार ही हूँ.

फिर उसी शाम को हम दोनों वहां पर ठीक समय पहुँच गई और हम दोनों अपने घर पर कहकर गयी थी कि शायद हमे देर हो जाएगी तो हमें रात को वहीं पर रुकना भी पड़ सकता है. फिर मैंने एक काले रंग की सारी और उसी रंग का ब्लाउज पहना, हेमा ने जींस टी-शर्ट पहन ली और वहां पर सबसे पहले हमें जितेन्द्र मिला वो हमें देखकर बहुत खुश हुआ और वो कहने लगा कि वाह आज तो यहाँ पर सभी की नज़र बस तुम दोनों हरामजादी पर होगी.

जितेन्द्र बोला कि तुम जल्दी से खा पी लो उसके बाद लॅडीस संगीत शुरू हो जाएगा और कुसुम तेरे नये पति भी आए है तुम उनसे जरुर मिल लेना, इतना कहकर जितेन्द्र काम से चला गया. अब हम दोनों उसकी बहन से मिलने के बाद एक साथ बैठी हुई थी तभी जितेन्द्र ने हमारे पास आकर हमे राज, समीर से मिलवाया और अपने चचेरे भाई मोंटी से मिलवाया, मोंटी 26 साल का लंबा दमदार अच्छे व्यहवार का सुंदर गठीले बदन का लड़का था. उन सभी से मिलकर हमें बहुत ख़ुशी हुई और उनको भी हम सभी मिलकर एक साथ बैठे हुए थे.

हेमा : अच्छा तो यह है मेरे नये जीजू?

समीर : कहो तो आज कुसुम के जीजू बन जाए?

राज : साली तो वैसे ही आधी घर वाली होती है.

जितेन्द्र : यह दोनों रंडियां तो हर समय पूरी घर वाली बनने को तैयार रहती है.

हेमा : तुम इतनी गालियाँ तो कुसुम को ही दो मुझे नहीं.

जितेन्द्र : तुम दोनों लंड को देखकर तो बड़ी बोलती हो जब तो चाहे कुतिया बनाकर चोद लो और जब तक कपड़े में हो बड़ी शरीफ लगती हो.

में : जितेन्द्र हमे वापस घर भी जाना है.

राज : आज की रात तुम्हे कहीं नहीं जाना, आज तो पूरी रात तुम दोनों को डांस करना है पहले महिला संगीत होगा जिसमे तुम्हे भी हमारे साथ नाचना होगा और उसके बाद लंड पर का मज़ा लेना, क्यों कुसुम मैंने ठीक कहा ना?

में : हाँ ठीक है चलो करके देखते है हमें आज इन सभी कामों में कितना मज़ा आता है?

फिर महिला संगीत में मैंने और हेमा ने उन चारो के साथ जमकर नाची, हमने बहुत डांस किया और रात को 11.30 बजे के करीब हम सभी एक साथ बैठे हुए थे. फिर में उनसे पूछने लगी कि अब इसके आगे का क्या प्रोग्राम है? तभी जितेन्द्र बोला कि अभी एक घंटे के बाद यहाँ पर सभी लोग सो जाएगें तब हम घर पर चलेंगे तुम तब तक थोड़ा आराम कर लो या कुछ और कर लो. फिर उसी समय राज ताश ले आया और हम सभी खेलने लगे और बकवास भी करते रहे.

उसी समय समीर बोला कि यार हम कोई शर्त लगाते है, तो में पूछने लगी कि वो क्या? वो हम दोनों से बोले कि तुम जीती तो तुम जैसे कहोगी वैसे ही चोदेंगे और अगर तुम हारी तो हमारी मर्ज़ी का पूरा काम होगा. अब हेमा कहने लगी कि तुम मुझे गाली मत देना बाकी जो तुम्हारी मर्ज़ी हो तुम वैसा करना, वैसे अगर में हार गई तो तुम क्या करोगे? तो राज बोला कि कुसुम की तरह एक ही झटके में पूरा लंड तुम्हे अंदर लेना पड़ेगा.

अब वो यह बात मान गयी और कुछ देर बाद वो हार भी गई और उसके बाद हम सभी एक साथ गाड़ी में बैठकर जितेन्द्र के घर आ गये, हेमा भी उसका वो बेडरूम देखकर एकदम हैरान हो गयी वो बहुत चकित होकर कहने लगी कि वाह क्या मस्त बेडरूम है? तो में उससे बोली कि यह बेडरूम नहीं रंडी खाना है मेरे मुहं से यह बात सुनकर वो सभी लोग ज़ोर से हंस पड़े.

अब जितेन्द्र बोला कि एक और नयी रंडी का इस बेड पर बहुत बहुत स्वागत है, तुम अंदर चली आओ, हेमा कहने लगी कि में कोई रंडी नहीं हूँ, ऐसे शब्द तुम कुसुम को बोलो मुझे यह सब सुनना अच्छा नहीं लगता. तभी राज बोला कि मेरी जान आज रंडी तो हम तुझे बहुत अच्छी तरह से बना देंगे, इतना कहकर राज और मोंटी हेमा के चिपक गये, उसके बाद राज ने हेमा को एक ज़ोर का किस किया और वो बोला कि तेरे कूल्हों को देखकर मेरा लंड काबू में नहीं हो रहा साली अब में क्या करूं? अब समीर मुझसे बोला कि हम तुझे क्या कहकर बुलाए? में उससे बोली कि तुम्हारी जो इच्छा हो उसी नाम से बुला लो.

अब जितेन्द्र मुझसे बोला कि हरामजादी तू सही में बड़ी मस्त नमकीन चीज़ है और इतना कहकर उसने मेरी साड़ी का पल्लू पकड़ा और मुझे घुमा दिया, जिसकी वजह से मेरी साड़ी उतर गयी और में अब उनके सामने बस पेटीकोट और ब्लाउज में खड़ी हुई थी और उधर उन लोगों ने हेमा की टॉप और जींस को भी उतार दिए, जिसकी वजह से वो अब ब्रा पेंटी में खड़ी हुई थी.

अब मोंटी ने हेमा की ब्रा को खोल दिया, जिसकी वजह से हेमा के दोनों गोरे बूब्स पूरे नंगे हो गए और उसके गुलाबी रंग के निप्पल को देखकर राज बोला कि वाह यह माँ की लौड़ी अब तक कहाँ छुपी हुई थी और इतना कहकर उसने एक निप्पल को अपने मुहं में ले लिया और वो दूसरे बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा था.

फिर हेमा उससे बोली कि तुम मुझे फिर से गाली देने लगे ना, राज बोला कि माफ़ करना और फिर जितेन्द्र ने मेरे पेटिकोट का नाड़ा खोल दिया, जिसकी वजह से वो मेरे पैरों में आ गया, समीर मुझसे बोला कि ब्लाउज क्या तेरी माँ खोलेगी साली कुतिया?

में उससे बोली कि माँ नहीं हाँ में ही खोल दूंगी मेरे राजा. फिर इतना कहकर मैंने अपने ब्लाउज के हुक को खोलकर उसको उतार दिया उसके साथ साथ मेरी पेंटी और ब्रा को भी उतर गये मुझे पता ही नहीं चला कि में अब उनके सामने पूरी नंगी खड़ी हुई थी. अब जितेन्द्र मेरे बूब्स को चूस रहा था और समीर मेरी चूत को चूस रहा था, जिसकी वजह से मेरे मुहं से आह्ह्ह्ह उूउह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ की आवाज निकल रही थी और हेमा नीचे बैठकर मोंटी का लंड चूस रही थी.

अब मैंने मोंटी का लंड देखा और मेरी आखें चकित होकर फेल गई मेरे मुहं से निकला हाए राम इतना बड़ा लंड जैसे किसी घोड़े का लंड हो? वो हेमा के थूक की वजह से पूरा चिकना हुआ पड़ा था और वो करीब पांच इंच लंबा और मोटा बहुत बहुत था. फिर में मोंटी के पास चली गयी और मैंने उसका लंड अपने एक हाथ में पकड़ लिया. यह सब देखकर समीर बोला कि यह रंडी तो अब काम से गयी, मैंने मोंटी के लंड पर एक किस किया और उसको धीरे धीरे अपने मुहं में पूरा भर लिया और इतने में हेमा के कूल्हों पर फटाक से एक चांटा पड़ा.

अब जितेन्द्र उससे बोला कि साली कुतिया यह लंड क्या तेरी माँ आकर चूसेगी? उसने समीर का लंड तुरंत अपने मुहं में भर लिया, उस समय राज और जितेन्द्र हमारी चूत और बूब्स को मसल रहे थे. फिर राज मुझसे बोला कि जितेन्द्र हमेशा रंडियां बहुत छांटकरकर लाता है, में उससे बोली कि कभी तुम हमें अपनी घरवाली बनाते हो तो कभी रंडी तो कभी कुतिया क्यों तुम ऐसा क्यों करते हो? तो समीर बोला कि कमीनी तू तो खुद ही तैयार है, लेकिन इस कुतिया को जरुर ठीक करना है, में बोली कि हेमा आज तेरा तो काम हो गया. फिर हम सभी एक साथ उस बेड पर आ गये, राज हेमा से पूछने लगा कि हेमा तुम्हे अपनी वो शर्त याद है या नहीं?

हेमा बोली कि हाँ मुझे अच्छी तरह से सब कुछ याद है. फिर कहने लगा कि तो तू अब लंड लेने के लिए तैयार हो जा. फिर हेमा उससे बोली कि में तो कब से तैयार ही हूँ तुम बोलो कि वो कौन है जो एक झटके में अपना पूरा लंड मेरी चूत के अंदर डालेगा. तुम मेरी चूत को देखो यह तो एक है, में तुम चारों की छुट्टी कर दूंगी. फिर तभी राज बोला कि वाह यह हुई ना बात और अब मोंटी उसको नीचे लेटाकर हेमा को चूमने लगा और वो हेमा से बोला कि चल दिखा तू अपनी चूत का दम.

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दोस्तों उस समय मोंटी का मोटा लंबा लंड खंबे की तरह तनकर खड़ा हुआ था, तो हेमा तुरंत उसके ऊपर बैठ गयी, जिसकी वजह से लंड अब उसकी चूत को छू रहा था. तो में उससे बोली कि हेमा रानी तेरी चूत तो अब गई काम से, तभी हेमा बोली कि चूत तो बनी है फटने के लिए.

एक दिन सबकी चूत को फटना होता है आज मेरी फट जाएगी तो उससे मुझ पर क्या असर होगा? अब हम सभी वो खेल बड़े ध्यान से देख रहे थे. उसी समय समीर बोला कि अगर थोड़ा सा भी बाहर रहा ना तो तुझे भी हम सभी की कुतिया बनना पड़ेगा, समीर ने उसके बूब्स पकड़े, जितेन्द्र बोला तैयार हो इतना कहकर जितेन्द्र ने उसकी कमर पकड़ी और हेमा ने लंड पर दवाब बनाया, जितेन्द्र ने झटके से उसकी कमर को नीचे किया जिसकी वजह से लंड सरसरता हुआ उसकी चूत के अंदर चला गया, लेकिन वो पूरा नहीं गया. फिर करीब दो इंच के करीब अब भी बाहर था, हेमा दर्द की वजह से ज़ोर से चीख पड़ी आईईई ऊईईई माँ में मर गई.

मोंटी पहली बार बोला कि साली कुतिया अब तुझे माँ याद आ गई ना, उस समय हेमा की आखों में पानी था और वो उठना चाह रही थी, लेकिन जितेन्द्र ने उसकी कमर को बड़ी सख्ती से पकड़ रखा था. उसी समय राज मेरी तरफ इशारा करके हेमा से बोला कि देख तेरे से तो इस हरामजादी की चूत बड़ी ताकतवर है यह माँ की लौड़ी तो पिछली बार एक ही बार में पूरा लंड खा गयी.

हेमा रानी अब तू भी कुसुम की तरह हमारी रंडी बनेगी. अब मोंटी ने अपने कुल्हे उचकाए जिसकी वजह से अब उसका पूरा लंड हेमा कि चूत में था और हेमा ने फिर से अपने मुहं से वो चीख की आवाज निकाली आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ माँ मेरी चूत फट गयी, कुत्ते तेरी माँ की चूत, अब तू मुझे छोड़ दे साले हरामी, अब तू अपने लंड को बाहर निकाल ले, मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

दोस्तों वो उस दर्द की वजह से बिन पानी की मछली की तरह छटपटाने लगी थी और उसी समय समीर मेरे पास आ गया. वो मुझसे बोला कि साली रंडी तू इसकी चूत की चुदाई ही देखेगी या अपनी चूत में भी मेरे लंड लेकर चुदवाएगी या तेरी जगह अब तेरी माँ मुझसे चुदवाने आएगी. फिर में उससे बोली कि साले कुत्ते मेरी माँ नहीं में ही तुझसे अपनी चुदाई करवा लूंगी. में भी तो देखूं कि तेरे लंड में कितनी ताकत और जोश है?

यह बात सुनकर जितेन्द्र ने तुरंत मुझे कुतिया की स्टाइल में किया और मेरे पीछे से उसने अपना मोटा काला लंड मेरी कामुक रसभरी गीली चूत के खुले पर लगा दिया और उसने एक कसकर धक्का मार दिया, जिसकी वजह से मेरे मुहं से उफफ्फ्फ्फ़ ऊऊईईईईईईइ माँ मर गई निकला और तभी समीर मेरे मुहं की तरफ आ गया. वो मुझसे बोला की साली छिनाल तू पहले भी इतनी बार चुद चुकी है और अब भी साली तू रंडियों की तरह हमे अपने नखरे दिखाती है.

मैंने उसको जवाब दिया कि जब में तुम्हारी पूरी रंडी बन ही गयी हूँ तो अब में रंडियों की तरह ही करूंगी, उसी समय उसने मेरे बाल पकड़े और मेरे मुहं में जबरदस्ती उसने अपने लंड को ठूंस दिया जो सीधा जाकर मेरे हलक में उतरकर मेरी सांसो को रोकने लगा था. मेरी आखों से आंसू तक बाहर आकर बहने लगे थे. अब मोंटी बोला कि साली कुतिया रानी की तरह तू मेरे लंड पर बैठी रहेगी या रंडी की तरह कुछ कसरत भी करेगी? हेमा को भी अब इस खेल में दर्द की जगह मज़ा आ रहा था.

फिर वो कहने लगी कि में तो इस लंड पर सारी उम्र कुतिया की तरह डांस करना चाहती हूँ. कोई मुझे नचाने वाला तो हो. तभी राज बोला कि वाह अब तो देखो इस छिनाल को यह कुतिया बनने को भी तैयार है मादरचोद साली रंडी तब तो यह बड़ा नखरा दिखा रही थी. अब हेमा लंड के ऊपर उठक बैठक करने लगी थी और इधर मेरी चूत में भी तेज गति के साथ बड़े दमदार धक्के लग रहे थे और उसी समय राज ने हेमा के कूल्हों पर थप्पड़ मारते हुए कहा कि साली मेरा लंड तो तेरी गांड का दीवाना है साली जब तू अपने कूल्हों को मटका मटकाकर डांस कर रही थी तभी से यह मेरा लंड बेकाबू हुआ पड़ा है.

अब मोंटी ने हेमा को अपने ऊपर गिरा लिया, जिसकी वजह से हेमा के कूल्हे बाहर की तरफ निकलकर उभर गये, हेमा उनका मतलब समझकर बोली कि नहीं गांड में नहीं, वहां पर मुझे बहुत दर्द होगा में एक साथ दोनों लंड को कैसे ले सकती हूँ, तुम रहने दो, मेरी चूत को चाहे जैसे मार लो, लेकिन तुम मेरी इस कुंवारी गांड को छोड़ दो, मुझे नहीं मरवानी तुमसे अपनी गांड, लेकिन दोस्तों वहां पर उसकी वो बातें कौन सुनने वाला था. सभी को बस मज़े लेने की एक होड़ सी लग रही थी, फिर चाहे उसके लिए उन्हें कुछ भी कैसे भी करना पड़े, उनको दर्द से कोई भी मतलब नहीं था.

अब राज ने बिना देर किए अपना उसकी लंड गांड के छेद पर लगा दिया और उसने एक ज़ोर का धक्का मार दिया, जिसकी वजह से लंड अब गांड के अंदर जाने लगा था. फिर हेमा दर्द से चीखती हुई सिसकियाँ लेते हुए बोल पड़ी आह्ह्ह्ह उफ्फ्फफ्फ्फ़ आईईईई तुमने मुझे आज मार ही दिया साले भड़वे तूने तो आज मेरी गांड को भी फाड़ दिया उफ्फ्फफ्फ्फ़ अब बस भी कर प्लीज इसको बाहर निकाल ले, में इस दर्द से मर ही जाउंगी मेरी गांड में जलन हो रही है हरामी कुत्ते क्या तुझे मेरे दर्द दिखाई और मेरी यह आवाजे सुनाई नहीं देती कि में तुझसे क्या करने के लिए कह रही हूँ.

दोस्तों उसकी बातों का किसी के भी ऊपर कोई भी असर नहीं पड़ा, जिसकी वजह से अब हेमा के दोनों तरफ से धक्के पड़ रहे थे. में पास में लगे एक कांच में हेमा की और अपनी मजेदार दमदार चुदाई को देख रही थी और उसी समय मैंने समीर के कान में कहा कि देख ले इस कुतिया को यह हरामजादी कैसे मज़े से चुद रही है, इतनी देर से बस नाटक ही किए जा रही थी. फिर उसने मेरे गाल पर एक किस करते हुए मुझसे कहा कि अब में तुम्हे भी पूरी तरह से हरामजादी बना देता हूँ क्यों तुम्हे कैसा लगेगा? में उसके मुहं से वो बात सुनकर मुस्कुराने लगी और मैंने अपना सर हिलाकर कहा हाँ तुम अपनी इस हरामजादी को जिस तरह भी काम में लेना चाहो ले सकते हो, क्योंकि मेरे राजा में तो पहले से ही तुम्हारे लंड की गुलाम बन चुकी हूँ. अब समीर नीचे लेट गया और वो हंसते हुए मुझसे बोला कि आजा तुझे भी हरामजादी बनाए, जितेन्द्र ने मेरा मुहं अपनी तरफ किया और वो बोला कि चल कुतिया ले तू मेरा लंड अपनी गांड में डाल ले.

उसने कहने पर मैंने उसका लंड अपने एक हाथ से पकड़कर अपनी गांड के छेद पर लगा लिया और फिर में धीरे धीरे उस पर बैठती चली गयी. ऐसा करने से मुझे दर्द तो बहुत हुआ और मेरे मुहं से आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ की आवाज भी निकली, लेकिन में उस समय जोश में होने की वजह से बहुत गरम थी, इसलिए में उस दर्द को पी गयी और उसके बाद में एक दो बार ऊपर नीचे हुई जिसकी वजह से लंड अंदर बाहर हुआ. अब जितेन्द्र ने मुझे समीर के ऊपर उल्टा लेटा दिया और वो मेरी चूत में अपने लंड को डालने लगा. में उससे बोली कि प्लीज तुम थोड़ा ध्यानपूर्वक आराम से डालना में कोई लकड़ी की नहीं बनी हूँ मुझे भी दर्द तो होता ही है.

फिर वो ज़ोर से हंसते हुए बोला कि देखो इस हरामजादी को 900 चूहे खाकर यह बिल्ली हज़ को चली है और अब मेरे भी हेमा की तरह चूत और गांड में लगातार तेज गती से झटके लग रहे थे, उस कमरे में उनकी गालियाँ, हमारी सिसकियों की आवाज और ठप ठप फच फच की आवाज़ आ रही थी और कभी-कभी कूल्हों पर थप्पड़ की आवाज़ भी आती. अब हेमा ज़ोर से चीख रही थी वो कहने लगी कि सालों तुमने मुझे आज अपनी रंडी बनाया है और ज़ोर से करो तुम दो दो अकेली लड़कियों के साथ उनकी चुदाई करने में लगे हुए हो. आज तुम फाड़ दो मेरी इस चूत और गांड को भी वो मोंटी को चूम रही थी और कह रही थी कि साले कुत्ते थोड़ा ज़ोर से कर.

अब समीर बोला कि तुम हमे गालियाँ नहीं दोगी, में बोली कि हम अपने राजा को गाली कैसे दे सकती है. मुझे तो सुनने में या खुद को देने में ज्यादा मज़ा आता है मेरे पास है ही क्या जो में इतना घमंड करूं तुम्हारे पास तो इतने प्यारे लंड है, जो मर्ज़ी चाहो तुम हमे कह सकते हो. अब जोश में आकर यह ले साली कुतिया ले समीर और जितेन्द्र ने अपने धक्को की स्पीड को पहले से ज्यादा बढ़ा दिया. वो मुझसे बोले कि तू सही में बड़ी मस्त चीज़ है.

दोस्तों में उस समय बहुत गरम थी, इसलिए में उनको बोल रही थी उह्ह्ह्ह हाँ तुम आज अपनी इस हरामजादी की चूत को फाड़ दो, जितेन्द्र आज तुम मुझे चोद चोदकर मार डालो, में तुम्हारे लंड की गुलाम हूँ तुम तेज धक्के देकर चोदो मुझे और तुम हर रोज़ ऐसे ही चोदना, जब तुमने हमें अपनी रांड बनाया है तो अपनी रांड का बेंड बजाने में अपनी तरफ से कोई भी कसर तुम नहीं छोड़ना, तुम मेरी चूत को फाड़ दो, यह साली रात में मुझे बहुत दुखी करती है आह्ह्ह्ह तुम आज अपनी इस हरामजादी, कुतिया को इतना जमकर चोदो कि यह तुम बार बार तुम्हारे ही पास आए ज़ोर से में तुम्हारी रंडी हूँ. जितेन्द्र आज मेरी चूत को तुम भर दो अपने वीर्य से, में उसको अपने अंदर लेकर महसूस करना चाहित हूँ.

अब हेमा बोली कि तू क्या पागल है? में उससे बोली कि मैंने पहले से गर्भनिरोधक गोली खा रखी है, मुझे पता था कि आज रात को मेरे राजा मुझे एक रंडी की तरह चोदेंगे पूरी हरामजादी बनायेंगे, हाँ ज़ोर से धक्के मारो में आज सुबह से ही बहुत तड़प रही हूँ हाँ और ज़ोर से ज़ोर से. अब समीर ने अपना वीर्य मेरी गांड में और जितेन्द्र ने चूत में निकाल दिया और राज ने हेमा की गांड से अपने लंड को बाहर निकाला और मेरे मुहं पर वो अपने वीर्य को निकालने लगा.

उस समय हेमा खड़ी हो गई और वो मोंटी के लंड के अपने मुहं में लेकर उसको चूस चूसकर उका पूरा वीर्य पी गयी. अब में उठी तो मेरी जांघो पर मेरा और उनका वीर्य बहने लगा. मेरे मुहं पर भी वीर्य लगा हुआ था, उसी समय मोंटी बोला कि इतनी गरम लड़की में अपनी पूरी जिंदगी में पहली बार देख रहा हूँ. फिर में मोंटी के पास चली गई में उससे बोली कि तुम्हारा लंड इतना प्यारा है कि कोई भी लड़की इसको देखकर ही इसकी गुलाम बन जाए.

फिर उन चारों ने हम दोनों को अपनी गोद में उठाया और वो हमे बाथरूम में ले गये और सबसे पहले उन चारों ने मुझे नीचे बैठाकर अपने पेशाब से नहलाया और फिर उसके बाद उन्होंने अपने अपने लंड मुझसे साफ करवाए. फिर उसके बाद उन्होंने कुछ देर बाद ठीक वैसा ही हेमा के साथ भी किया और फिर उसके बाद पानी से नहलाकर हम दोनों को वो वापस बेड पर ले आए और उस रात को अगली सुबह तक हमारी चुदाई वैसे ही रुक रुककर चलती रही.

वो सभी हमें बदल बदलकर हर बार अलग अलग स्टाइल से चुदाई का मस्त मज़ा दे रहे थे, जिसकी वजह से हमे बहुत मस्त मजेदार मज़ा आ गया. दोस्तों यह थी मेरी अपनी सहेली और उन चारों लड़को के साथ चुदाई की मस्त मज़ेदार कहानी, जिसमें हमने पूरी रात बड़े मज़े लिए और उन सबने हम दोनों को चोद चोदकर रंडी बनाने के साथ साथ पूरी तरह से संतुष्ट भी किया और हम दोनों ने भी उसका चुदाई करते समय पूरा पूरा साथ दिया, दोस्तों में उम्मीद करती हूँ कि यह आप सभी को जरुर पसंद आई होगी.

Updated: October 29, 2017 — 8:20 am
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