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सलवार चूत के रस से गीली-2


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sex stories in hindi अब हम एक दूसरे को चूम भी लिया करते थे, क्योंकि अब मौसम बहुत बदल चुका था और इसलिए हमें वैसे मौके कुछ कम ही मिला करते थे। फिर एक बार मुझे पता चला कि उसके घर पर दो दिनों के लिए कोई भी नहीं था, क्योंकि उसकी मम्मी और बहन उनके गाँव किसी काम से चली गई और इस वजह से किरन और उसका छोटा भाई घर पर अकेले थे। फिर जब किरन ने मुझसे मिलकर यह सभी बातें मुझे बताई तो मेरी खुशी का कोई भी ठिकाना ना रहा और फिर मैंने उसको कहा कि में आज ही रात को करीब 1:00 बजे के बाद ऊपर छत पर आ जाऊंगा और तुम मुझे वहीं पर मिलना। अब उसने मुझसे कहा कि हाँ ठीक है, इतना कहकर वो अपने घर चली गई। फिर जब में ठीक समय छत पर गया, तो मैंने देखा कि वो मेरा वहां पर पहले से ही पहुंचकर इंतजार कर रही थी। में उसको देखकर और वो मुझे देखकर बहुत खुश हो रही। फिर पहले तो बहुत देर तक हम दोनों बहुत सारी बातें करते रहे और वो मुझसे कह रही थी कि वो कुछ दिनों से देखकर महसूस कर रही है कि में अब उसको समय नहीं देता हूँ, में अपने कामो में बहुत व्यस्त रहने लगा हूँ।

फिर मैंने उसको समझाया कि अब मेरे घर वालों को हमारे मिलने और मेरे इधर उधर घंटो तक गायब रहने पर कुछ शक हो गया है, इसलिए में तुमसे दूरी बनाकर उसको दिखा रहा था जिसकी वजह से वो हम पर अपनी नजर रखना छोड़ दे। दोस्तों वैसे ही कुछ देर बातें करने के बाद मैंने अब उसको कहा कि मुझे अब बहुत सर्दी लग रही है और वो भी मुझसे कहने लगी कि हाँ सर्दी तो अब मुझे भी थोड़ी थोड़ी महसूस हो रही है। अब मैंने उसको कहा कि अब हम दोनों ऐसा करते है कि हम तुम्हारे कमरे में जाकर वहीं बैठकर आराम से बातें करते है, यहाँ तो कोई भी इधर उधर दूसरी छत पर से आ सकता है। अब वो मेरी बात को सुनकर सहमत होकर मुझसे कहने लगी कि हाँ ठीक है और उसके बाद में उसके घर चला गया और हम दोनों जाकर सीधा किरन के कमरे में बैठ गये। फिर पहले हम दोनों ने बहुत बातें की और फिर उसके बाद मैंने उसका एक हाथ पकड़ लिया। वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज इस तरह से मेरे साथ तुम कुछ भी ना करो, मुझे कुछ कुछ होने लगता है। अब मैंने उसको कहा कि में ऐसा कुछ भी नहीं करूंगा, लेकिन मुझे अब बड़ी सर्दी लग रही है, इसलिए तुम मुझे थोड़ा सा गरम ही कर दो और फिर मैंने उसको यह बात कहते हुए उसको अपने गले से लगा लिया।

अब वो भी अब मेरा पूरा साथ देने लगी थी और इसलिए धीरे धीरे मेरे हाथ अब आगे बढ़ते हुए उसके बूब्स पर पहुंच गये और अब में उसकी कमीज़ के अंदर से भी अपने हाथ को डालकर उसके मज़े लेने लगा था। अब वो गरम होकर अपने मुहं से सस्शह्ह्ह आहह्ह्ह्ह की आवाज़ें निकालने लगी और में उसके गरम बूब्स को सहलाने लगा था, जिसकी वजह से उसकी निप्पल तनकर खड़ी होने लगी। तभी उसने एकदम जोश में आकर अपनी कमीज़ को ऊपर उठा दिया और उसके बाद बिना देर किए अपनी ब्रा को ऊपर करके उसने मेरे सामने अपने बूब्स को बाहर निकाल दिया। अब में उसका जोश देखकर उसके बूब्स की निप्पल को अपने मुहं में लेकर चूसने लगा और साथ ही में उस बूब्स को अपनी पूरी ताकत लगाकर दबाने भी लगा था और उस समय मेरा एक हाथ उसकी कमर पर था। फिर उसके बाद मेरा वो हाथ नीचे जा पहुंचा और मैंने हाथ लगाकर महसूस किया कि उसकी चूत उस समय एकदम गीली हो चुकी थी और हम दोनों बहुत देर उसी तरह एक दूसरे को चूमते प्यार करते हुए गरम करते रहे। दोस्तों में उसके साथ बहुत आराम से और भरपूर मज़ा लेकर उसकी पहली चुदाई का पूरा मज़ा लेना चाहता था और इसलिए मैंने पहले उसको पूरी तरह से गरम करके पागल किया। फिर उसके बाद में अपने एक हाथ को उसकी सलवार के अंदर ले जाकर उसकी गरम कामुक चूत पर फेरने लगा था।

फिर ठीक उसी के बाद मैंने अपनी एक ऊँगली को उसकी चूत के अंदर डालना शुरू किया, जिसकी वजह से वो अब आअहह ऊहह्ह्ह्ह स्सीईईइ करने लगी और उसी समय मैंने उसको अपना पांच इंच का लंड उसके हाथ में पकड़ा दिया। अब वो मेरे लंड को पकड़कर धीरे धीरे ऊपर नीचे करनी लगी, शायद उसको ऐसा करने में बड़ा मज़ा आ रहा था। दोस्तों उसकी चूत छोटी और टाइट भी बहुत थी, इसलिए वो मेरे मोटे लंबे लंड को छूकर डरते हुए मुझसे कहने लगी कि में इसको अपने अंदर कैसे ले सकती हूँ? में इससे मर ही जाउंगी, यह मुझे बहुत दर्द देगा और कहीं में इसकी वजह से गर्भवती हो गई तो क्या होगा? अब में उसको बड़े प्यार से समझा रहा था कि तुम इन सभी बातों की बिल्कुल भी चिंता मत करो ऐसा कुछ भी नहीं होगा। में बहुत धीरे धीरे करूंगा जिसकी वजह से तुम्हे दर्द कम होगा और रही बात गर्भवती होने की तो उसका भी एक पक्का इलाज मेरे पास है, लेकिन वो मेरी सभी बातें सुनने के बाद भी मुझसे मना कर रही थी। अब मुझे उस पर तरस आ गया और मैंने उसको कहा कि चलो रहने दो इसी तरह हम थोड़ा सा प्यार कर लेते है और हम दोनों उसके बाद उसी तरह से चूमते हुए और ऊपर से ही प्यार करते रहे। फिर मैंने उसको पूछा क्यों अब तो तुम खुश होना मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया में सिर्फ़ तुम्हारी मर्ज़ी का काम कर रहा हूँ?

अब वो मुझसे कहने लगी कि में अगर ना चाहूँ तो तुम कुछ भी नहीं कर सकते थे? तब मुझे उसकी वो बात सुनकर एकदम से जोश आ गया और मैंने उसको कहा कि अगर में चाहूँ तो अभी भी तुम्हारे साथ बहुत कुछ कर सकता हूँ। फिर वो मुझसे कहने लगी कि ऐसा हो ही नहीं सकता तुम मेरी मर्जी के बिना मेरे साथ कुछ भी नहीं कर सकते? और फिर क्या था? सबसे पहले मैंने उसके दोनों हाथ कसकर पकड़े और अपने एक हाथ से मैंने उसकी सलवार उतारी और फिर अपना लंड पेंट की चेन खोलकर बाहर निकाला, उसके बाद उसकी नंगी रसभरी चूत के गुलाबी होंठो पर रख दिया। फिर उसके बाद में अपने लंड से उसकी चूत के दाने को सहलाते हुए उसको पूछने लगा कि हाँ अब तुम बोलो में क्या करूं तुम्हारे साथ? अब वो मुझसे कहने लगी कि कुछ नहीं प्लीज तुम अब मुझे छोड़ दो प्लीज, में तो तुमसे बस ऐसे ही थोड़ा सा मजाक कर रही थी, मेरे कहने का वो मतलब नहीं था और शायद तुम्हे मेरी बातों का बुरा लग गया, ऊह्ह प्लीज तुम मुझे माफ कर दो। फिर मैंने उसको कहा कि अब नहीं अब बहुत देर हो चुकी है, में तुम्हारी चुदाई किए बिना तुम्हे अब नहीं छोड़ सकता। फिर इतना कहकर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखकर थोड़ा सा ज़ोर लगा दिया और वो दर्द की वजह से ज़ोर से चिल्लाने लगी, उसको बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन अब तो सब खत्म था।

अब मुझे उसकी कोई भी चीखने की आवाज सुनाई नहीं दे रही थी, में बहुत जोश में था। फिर मैंने उसी समय अपने एक हाथ को उसके मुहं पर रख दिया और फिर से ज़ोर लगाना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से वो दर्द से मचलने लगी, क्योंकि उसको बहुत दर्द हो रहा था, लेकिन मैंने दो झटकों में ही अपना पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया। अब उस वजह से वो बहुत ज़ोर से तड़प उठी, वो कुछ देर तक मुझसे छूटने की लगातार कोशिश करती रही। फिर मैंने उसका दर्द देखकर अपने लंड को हिलाना छोड़ दिया और उसके बाद में थोड़ी देर उसी तरह उसके ऊपर पड़ा रहा। फिर जब कुछ देर बाद मैंने महसूस किया कि अब उसको दर्द कम मज़ा आने लगा था, इसलिए वो भी अब नीचे से अपने कूल्हों को हिलाने लगी थी। अब में भी उसके मुहं से अपने हाथ को हटाकर उसको धक्के लगाने लगा था, वो अब जोश में आकर सिसकियाँ लेने लगी थी और साथ ही साथ वो मुझसे कहने लगी, उफफ्फ्फ्फ़ हाँ उह्ह्ह्ह और ज़ोर से करो आह्ह्ह्ह हाँ और ज़ोर से वाह इस खेल में मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है, हमने पहले ऐसा क्यों नहीं किया? तुम अब तक कहाँ थे, आज तुमने मुझे बहुत मस्त मज़ा दिया है आहह्ह्ह ऊओह्ह्ह हाँ ज़ोर से धक्के लगाओ हाँ पूरा अंदर तक जाने दो।

फिर में भी उसकी जोश भरी बातें सुनकर अपने पूरे ज़ोर से धक्के लगा रहा था, जिसकी वजह से उसका पूरा जिस्म हिलने लगा था। फिर कुछ देर लगातार धक्के खाने के बाद अब उसकी चूत ने एक बार फिर से पानी छोड़ दिया था, लेकिन में अभी भी बहुत गरम था और कुछ देर बाद वो एक बार फिर से नीचे से अपने कूल्हों को हिलाने लगी और अब वो पहले से भी ज्यादा गरम जोश में थी और इसलिए हम दोनों की तरफ से बहुत तेज धक्के लग रहे थे। फिर धक्के देने के साथ साथ में उसके एक बूब्स को चूस भी रहा था और दूसरे बूब्स को अपने एक हाथ से दबा भी रहा था, जोश की वजह से उसकी दोनों निप्पल तनकर खड़ी थी। अब एक बार फिर से वो पानी छोड़ने वाली थी और में भी अब झड़ने के करीब ही था और फिर उसने दो चार धक्कों के बाद पानी छोड़ ही दिया। फिर में थोड़ी देर के लिए रुक गया करीब दो मिनट के बाद मेरा भी अब बर्दाश्त से बाहर हो गया और उसी समय मैंने जल्दी से अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकालकर अपना सारा गरम गरम वीर्य उसके पेट पर छोड़ दिया जो सरकता हुआ उसके पूरे पेट पर फेल गया। अब मैंने उसके चेहरे की तरफ देखा वो मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी, उसकी हंसी से मुझे उसकी संतुष्टि का पता चल चुका था और कुछ देर हम उसी तरह से एक दूसरे की बाहों में एकदम चिपककर पड़े रहे।

फिर उसके बाद मैंने उठकर अपने कपड़े पहने और किरण ने भी अपने कपड़े पहन लिए और उसके बाद जब में उसके कमरे से बाहर जाने लगा, तभी अचानक से उसने मेरा एक हाथ पकड़ लिया और फिर वो मुझसे बोली कि जाने की इतनी भी क्या जल्दी है? जाते जाते एक बार तुम मुझे अपने गले से तो लगा लो और वैसे भी सभी काम तो तुमने अब तक अपनी मर्जी से कर लिए मेरी भी तो एक बार इच्छा पूरी कर दो। फिर कुछ देर हम एक दूसरे की बाहों में चिपककर खड़े रहे और उसके बाद में वापस अपने घर आ गया। दोस्तों यह था मेरा वो सच्चा सेक्स अनुभव जिसमे मैंने अपनी पड़ोसन की कुंवारी चूत को चोदकर उसकी चूत का भोसड़ा बनाकर उसको चुदाई के असली मज़े और वो पूरा सुख दे दिया जिसको उसने पहले कभी भी महसूस नहीं किया था, लेकिन मैंने उसको पूरी तरह से संतुष्ट कर दिया जिससे वो भी बहुत खुश थी ।।

धन्यवाद …

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