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दिवाली का जुआ Part 7


6 किस्सेस हो चुकी थी अब तक।।। यानी 4 और बची थी अब
पहले जोकर के चूसने से अनीता झड ही चुकी थी और जब मुल्ला ने चूसा तो वो दोबारा झड नहीं पायी, शायद इतनी जल्दी वो तैयार नहीं थी दोबारा झड़ने के लिए ..
पर मुझे मालुम था की उसे दोबारा झड़ने के लिए कैसे तैयार करना है ..
मैंने अनीता को ऊपर उठाया और उसकी आँखों में देखा .. वासना के डोरे साफ़ दिखाई दे रहे थे ..और उसकी चूत के अन्दर के खालीपन को साफ़ बयान कर रहे थे .
और अब तो उसने अपने पति की उत्तेजना भी शांत कर दी थी जो अपनी पत्नी को दुसरे मर्दों के सामने नंगा देखकर और उसके नंगे शरीर से मजे लेते हुए देखकर भड़की थी, यानी अगर सोचा जाए तो अमित के सामने अगर वो चुद भी जाती है तो शायद उसको ज्यादा तकलीफ न हो, आखीर उसकी वजह से ही तो उसे ये सब करना पड़ रहा है और वो कहते है न की औरत की वासना एक बार अगर भड़क जाए तो उसको बुझाने के लिए 10 लंड भी कम पड़ जाए है ठीक वही हाल अब अनीता भाभी का होता जा रहा था, वो चाहे कितनी भी कोशिश कर रही थी अपने आपको पतिव्रता रखने की पर उसके सामने जो लंड थे वो उसके पति के लंड के मुकाबले काफी मोटे और दमदार थे जिन्हें हाथ और मुंह में लेकर ही उसे उनकी ताकत का एहसास हो रहा था और ये सोचकर की वो चूत में जाकर क्या ग़दर मचाएंगे उसकी साँसे तेजी से चलने लगी थी ..
अनीता ने धीरे से पुछा : अब कितनी बची हैं …
मैं : सिर्फ 4 …
उसका चेहरा ऐसे लटक गया जैसे वो 4 उसे बहुत कम लग रही थी अब ..और लगे भी क्यों न, हर किस्स का एहसास उसकी चूत की रूह में उतरकर
उसे अपने नशिलेपन का एहसास जो करवा रही थी ..
वो पूरी नंगी खड़ी थी हम सबके सामने, जो शायद उसने सोचा भी नहीं था ..एक रंडी की तरह हालत कर दी थी हम दोस्तों ने मिलकर उसकी ..ठीक वैसे ही जैसे अमित की शादी से पहले हमने दूसरी रंडियों की करी थी .
पर अनीता भाभी की बात कुछ और ही थी .
उनकी छाती पर चमक रहे बटन जैसे निप्पल मुझे अपनी तरफ खींचने लगे और मैंने उसकी कमर में हाथ डालकर अपनी तरफ खींचा और अपना मुंह नीचे करके उन्हें चूसने लगा ..
अनीता : अह्ह्हह्ह्ह्ह ……. उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ …….. बाबूssssssssssssssssssssss धीरे से …..
उसके मुंह से पहली बार मेरा नाम निकला था ..इससे पहले वो सिर्फ अपने पति का ही नाम ले रही थी .
उसके दोनों हाथ मेरे बालों को पकड़कर अपने मुम्मो पर मुझे दबा रहे थे जैसे कह रही हो ….चूस ले बाबु …ये सब तेरा ही तो है …
मैंने दुगने जोश से उन्हें चूसना और काटना शुरू कर दिया ….
मेरा कद काफी ऊँचा था अनीता भाभी के मुकाबले इसलिए मुझे झुक कर उनके मुम्मे चूसने पड़ रहे थे …और झुके-2 मुझे कमर में दर्द होने लगा था, मैंने अपना मुंह हटाये बिना ही, उसकी कमर को जकड़ा और उसे ऊपर हवा में उठा लिया …अब उसका नंगा जिस्म, मेरी बाँहों में लिपटा हुआ हवा में झूल रहा था ..मेरे होंठ उसके उभारो को चूस रहे थे और उसकी नंगी टाँगे मेरे खड़े हुए साड़े 7 इंच के लंड को टच कर रही थी …और उन्हें टच करके वो उसकी लम्बाई नापने में लगी हुई थी . वैसे देखा जाए तो पुरे कमरे में मुल्ला के आठ इंच के लंड के बाद सबसे मोटा और लम्बा लंड मेरे पास ही था, तीसरा नंबर जोकर का साड़े 6 इंच और आखिर में था सबसे मरियल सिर्फ 5 इंच का अमित का .
अनीता के लम्बे पैर मेरे लंड को सहला रहे थे ..और उसके लम्बे हाथ मेरे सर के बालों को .
उसने अपने पैरो के बीच में मेरा लंड फंसा लिया था और उसे आगे पीछे करने लगी थी .
उसकी गीली चूत से निकल रहा तेल मेरे पेट की मालिश कर रहा था .
अचानक मैंने अपने दांये हाथ की मिडल फिंगर उसकी गांड के छेद में डाल दी …जो की उसका वीक पॉइंट था .
वो उछल गयी और उस्म मुम्म मेरे मुंह से बाहर निकल गया …मैंने उसकी आँखों में देखा जो उत्तेजना के मारे लाल हो चुकी थी . वैसे मेरी किस्स टूट चुकी थी पर उसने इस बार कुछ नहीं कहा …मैंने फिर से उसके मुम्मे को मुंह में भर लिया और चूसने लगा ..पर इसी बीच अमित जो ये सारा खेल बड़े ही गौर से देख रहा था बीच में ही बोल पड़ा : ये अब तुम्हारी आठवी किस्स स्टार्ट हो चुकी है लाला …ध्यान रखना …बस 2 और बची हैं इसके बाद .
इसकी माँ की चूत ….साले को अपनी बीबी की बड़ी फ़िक्र हो रही है …ये नहीं देख पा रहा की अब उसकी बीबी को भी मजा आना शुरू हो गया है .
और अपने पति की बात सुनकर अनीता भी कुछ ख़ास खुश नहीं थी …उसने गुस्से में अपने पति की तरफ देखा और फिर प्यार से मेरी तरफ देखकर, आँखों ही आँखों में मुझे सॉरी बोलकर मुझसे प्यार से अपना मुम्मा चुस्वाने लगी ..और अपने पैरों से मेरे लंड को और तेजी से सहलाने लगी .
मैंने अपने बाजुओं की ताकत दिखाई अब उसे और उसकी गांड में से ऊँगली निकाले बिना अनीता भाभी को धीरे-2 ऊपर की तरफ खिसकाना शुरू कर दिया .
पुरे कमरे में सभी दम साधे मुझे ऐसा करते हुए देख रहे थे .
ऊपर करते-2 उसका मुम्म मेरे मुंह से निकल गया ..अमित ने जैसे ही नोट किया वो जोर से बोला : आठवीं भी पूरी हो गयी .
मेरे मुंह से धीरे से निकला : तेरी माँ की चूत .. जिसे सुनकर अनीता के मुंह से भी हंसी निकल गयी .
मैंने उसके शरीर को प्यार से ऊपर उठाना जारी रखा …और बड़ी ही मुश्किल से मैंने संतुलन बनाकर उसे पूरा ऊपर तक उठा लिया, उसकी गद्देदार गांड के ऊपर मैंने हाथ रखे हुए थे और उसकी रसीली चूत मेरे चेहरे के सामने लिशकारे मारती हुई चमचमा रही थी .
मैंने धीरे से उसकी शहद उड़ेलती चूत को अपने प्यासे मुंह की तरफ धकेला और पक से उसे अपने मुंह में दबोच कर किसी भूखे कुत्ते की तरह नोचने लगा ..
अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह ……..ओह्ह्हह्ह ……बाआबूऊऊsssssssssss ……….म्मम्मम्म ……..येस्स्स्सस्स्स्स ……चाआतो ….अह्ह्ह्हह्ह …
उसने मेरे सर के बालों को इतनी जोर से पकड़ा हुआ था की मुझे तो लगा की आज मैं गंजा हो जाऊंगा …पर ऐसी मस्तानी चूत को अपने मुंह से नीचे उतारने का मन नहीं कर रहा था अभी भी .
मैंने अपनी जीभ को कड़ा करके ऊपर की तरफ भेजना शुरू कर दिया जो किसी रोकेट की तरह से उसकी गर्म चूत को भेदती हुई उसकी चूत के अंदर की खुरदुरी दीवारों से टकराकर वहां से रिस रहा अमृत बटोरने में लग गयी .
मैंने फिर से अपनी एक ऊँगली उसकी गांड के छेद में डाल दी और हिलाने लगा ..
अपनी चूत और गांड पर हुए दोहरे हमले से तो उसकी सिट्टी पिट्टी गम होती चली गयी …आज पता चला की अगर औरत अपनी शर्म – हया छोड़कर पुरे मजे लेने पर आये तो सामने वाले को भी दुगना मजा मिलता है .
उसका मुंह मेरी जीभ का कमाल देखकर खुला का खुला रह गया ..और मेरे बालों को मसलते हुए ही, मेरी आँखों में देख्ते-2 उसके मुंह से निकल रही लार मेरे माथे पर गिरने लगी ..पर इस वक़्त उसके मुंह की लार भी मुझे गर्म कर रही थी ..मैंने एक लम्बा चुपपा लिया उसकी चूत का जिसकी वजह से उसकी क्लिट मेरे मुंह में आ गयी .
अब तो उसकी जैसे माँ ही चुद गयी …साली मेरे मुंह के ऊपर ऐसे उछलने लगी जैसे मैंने उसकी क्लिट नहीं बल्कि जान पकड़ ली हो अपने मुंह में ..
अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ओयीईईईई …….म्मम्मम्मम ……..हुन्न्नन्न्न्नन्न ………हाआआन्न्न्न …..ऐईइसीईई।। हीईई ….
अह्ह्ह्हह्ह…
मुझे उसकी चूत के अन्दर हो रही हलचल की वजह से होने वाली सभी आवाजें भी साफ़ सुनाई पड़ रही थी …
और मुझे ये एहसास होने लग गया था की अब किसी भी वक़्त उसके मुंह से ज्वार भाटा निकल कर बाहर आ सकता है, वो झड़ने के बिलकुल करीब थी …इसलिए उसने अपनी चूत को मेरे मुंह के ऊपर तेजी से घिसना शुरू कर दिया था …
पर तभी मैंने उसकी चूत से अपना मुंह बाहर निकाला, उसे नीचे उतारकर सोफे पर पटक दिया …और तेजी से साँसे लेते हुए अपना मुंह साफ़ करने लगा .
और वो हेरानी भरे भाव से मुझे देखे जा रही थी ..वो झड़ने के इतने करीब थी और मैंने उसे धक्का देकर पीछे पर दिया …ऐसा अगर किसी लड़की के साथ हो तो कैसा फील होगा वो समझ सकती है ..
ठीक ऐसी ही हालत उसकी भी हो रही थी ..वो अपनी फटी हुई आँखों से मुझे देखे जा रही थी जैसे पूछ रही हो की मैंने ऐसा क्यों किया …
पर ये तो मेरी चाल थी, उसे तद्पाने की ..और वो तड़प भी रही थी .
और दूसरी तरफ अमित खुश था ..वो तो सोच रहा था की कहीं भावनाओ में बहकर अनीता मेरा लंड न डाल ले अपनी चूत में …पर एन मौके पर मेरा व्यवहार तो उसकी समझ में नहीं आया पर उसकी बीबी की चूत में मेरा लंड जाने से तो बच गया …
मैं धीरे से आगे बड़ा, और सोफे के ऊपर आधी लेटी हुई अनीता भाभी को ऊपर उठाया और मैं खुद सोफे पर लेट गया ..मेरे पैर अमित की तरफ थे पर उसे टच नहीं कर रहे थे …मैंने अनीता को अपनी तरफ आने का इशारा किया और धीरे से बोला : 69 करते है ..
उसे भला क्या एतराज हो सकता था …आखिरी किस भी मैंने उसकी चूत पर ही करने का फेंसला किया था .
और जैसे ही हम 69 के पोस में आये, उसने मेरे लंड र अपनी सारी केड़ निकालनी शुरू कर दी ..उसे इतनी बुरी तरह से और तरह -2 से चूसने लगी की मेरे मुंह से करह सी निकल गयी ..
और बदले में मैंने भी उसकी चूत से पूरा बदला लिया ..अपनी उँगलियों से उसको चोडा लिया और अन्दर दिख रही सुरंग में मैंने अपने मुंह की गर्म भांप छोड़नी शुरू कर दी ..वो तो पागल भूतनी की तरह से मचलने लगी …मेरी जांघो को अपने नाखुनो से नोचने लगी …और वो भी अपने पति के सामने जो की मेरे पैरों की तरफ बैठा हुआ था और अपनी पत्नी को मेरे लंड की ख़ास सेवा करते हुए देख रहा था और उसके रूप को देखकर वो बेचारा शायद यही सोच रहा था की काश आज हमें जुआ खेलने ना ही बुलाता ..
पर अब पछताए क्या होत …..समझ गए न ..
अनीता भाभी अपनी चूत पर होते अत्याचार सहन न कर पायी और उन्होंने एक जोरदार झटके से अपनी चूत को मेरे मुंह के ऊपर पटका और खुद ही हिल हिलकर सेंसेशन फील करने लगी .
मैंने चूत के ऊपर अपनी जीभ फेरनी जारी राखी और फिर मैंने कुछ ऐसा किया की वो मेरा लंड चुसना छोड़कर जोरों से चिल्लाने लगी …
अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह …..उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़,, म्मम्मम्मम …माआआआअ …….
दरअसल मैं अपनी जीभ फिराते हुए ऊपर उसकी गांड तक ले गया और उसकी गांड के छेद को चोड़ा करके मैंने अपनी जीभ वहां डाल दी ..मैंने पहले भी कहा था आप सबसे की उसकी गांड का छेद बिलकुल साफ़ था इसलिए वहां जीभ डालने में मुझे कोई घिन्न या दुर्गन्ध का एहसास भी नहीं हुआ ..
पर वो छेद इतना टाईट था की जैसे ही मैंने उसकी गांड के पाटों को छोड़ा, तो मेरी जीभ के चारों तरफ उसकी गांड के छेद का फंदा पूरा कस गया और बीच में मेरी जीभ फंसी रह गयी ……..मैंने एक जोरदार झटका दिया और उसे बाहर निकाला ….और फिर से वापिस उसकी चूत की तरफ चल दिया …
ऐसा मैंने 2-3 बार किया ..जो काफी था उसकी वासना को पूरी तरह से भड़काने के लिए ….
उसने एकदम से मेरा लंड चूसना बंद कर दिया …और पलट कर वापिस नार्मल पोसिशन में आ गयी …और उत्तेजना से कांपते हुए अनीता भाभी ने मेरे होंठो पर किस्सेस की झड़ी सी लगा दी …
मेरा लंड अभी भी मिसाईल की तरह से खड़ा था …मैंने सोच लिया की यही मौका है उसकी चूत मारने का ..मैंने उसकी गांड को पकड़ा और अपने लंड को उसकी चूत के मुहाने पर टिका दिया …
मेरे ऐसा करते ही जैसे उसके पुरे शरीर में करंट सा दौड़ गया और उसका पत्निव्रता रूप फिर से दिखाई देने लगा ..वो जैसे अपने अन्दर अंतर्द्वंद कर रही थी की मेरे लंड को ले या ना ले ..
पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी ..
उसने एकदम से मेरा लंड चूसना बंद कर दिया …और पलट कर वापिस नार्मल पोसिशन में आ गयी …और उत्तेजना से कांपते हुए अनीता भाभी ने मेरे होंठो पर किस्सेस की झड़ी सी लगा दी …
मेरा लंड अभी भी मिसाईल की तरह से खड़ा था …मैंने सोच लिया की यही मौका है उसकी चूत मारने का ..मैंने उसकी गांड को पकड़ा और अपने लंड को उसकी चूत के मुहाने पर टिका दिया …
मेरे ऐसा करते ही जैसे उसके पुरे शरीर में करंट सा दौड़ गया और उसका पत्निव्रता रूप फिर से दिखाई देने लगा ..वो जैसे अपने अन्दर अंतर्द्वंद कर रही थी की मेरे लंड को ले या ना ले ..
पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी ..
मैंने एक करार धक्का मारा और अपने लंड को अनीता भाभी की मक्खन जैसी चूत में पूरा उतार दिया ..
अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह …….अह्ह्हह्ह्ह्ह …..उफफउफफssssssssssss
वो मचल कर रह गयी …
और जोर से चीखी : अह्ह्हह्ह निकालो इसे …..अह्ह्ह्हह्ह मैं ऐसा नहीं कर सकती …..अह्ह्ह्ह …
अमित भी चीखा : अबेसाले ….लाला ….ये क्या कर रहा है ….तूने तो कहा था की ऐसा नहीं करेगा ….निकाल बाहर ….भेन चोद …..बाहर निकाल …
पर मुझे तो ऐसा मजा आ रहा था की उनकी बातों का मुझपर कोई असर ही नहीं हो रहा था …
अह्ह्हह्ह्ह्ह ………उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़।।।
मैंने उसकी कमर को थामा, उसके दांये मुम्मे को मुंह में भरा और नीचे से तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए ..
धक्के पे धक्के पाकर उसकी चूत ने बोलना शुरू कर दिया .
और उसका प्रतिरोध धीरे -2 वासना से भरी हुई सिस्कारियों वाली स्वीकृति में बदलता चला गया …जिसका मुझे कब से इन्तजार था …
और फिर उसके मुंह से बस ये ही निकला : अह्ह्हह्ह्ह्ह ….लाला ……चोद दे साले।।।।।भेन चोद ….इतनी देर से मुझे तरसा रहे हो सब मिलकर ….अह्ह्ह्हह्ह ….अब सकूँ मिला है …..अह्ह्हह्ह चोद साले …..जोर से चोद ….
जो अनीता इतनी देर से सिर्फ अपने पति की आज्ञा का पालन करके उसके दोस्तों के हाथो की कठपुतली बनी हुई थी ..अब उसके अन्दर की वासना ने अपना असली रूप दिखाकर उसे अपने वश में कर लिया था ..और एक बार कोई औरत वासना के वश में आ जाए तो उसे कोई भी रोक नहीं सकता …उसका पति भी नहीं .
अमित बेचारा अपनी पत्नी का ये रूप देखकर हेरान रह गया …उसके मुंह से कुछ न निकला ..
और जिस लहजे में उसने मुझे प्यार से लाला बोला था मन कर रहा था की साली के मुम्मे निम्बू की तरह से निचोड़ डालू …और मैंने किया भी ऐसा ही, मैंने उसकी ब्रेस्ट की घुन्डिया पकड़ी और उन्हें दोनों हाथों की उँगलियों से निम्बू की तरह से निचोड़ दिया ..
अय्य्य्यीईइ …………
उसने अंगारे बरसाती हुई आँखों से मुझे देखा ….
मेरे चेहरे को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और चूत में लंड लिए -2 ही झुकी और मेरे होंठो को अपने पैने दांतों के बीच दबा कर जोर से काट लिया …
अब चीखने की बारी मेरी थी …
पर उस कुतिया के मुंह में फंसे होने के कारण मैं चीख भी नहीं सका ..
उसने मुझे इतनी तेज काटा था की मेरे होंठो से खून निकलने लगा था … मैंने उसकी चूत में धक्को की झड़ी सी लगा दी .
ओह्ह्ह ……..ओह्ह्ह्ह ओ।।।।।।।ह्ह्हह्ह ……….ओफ्फ्फ्फ़ ………ऑफ
……ओफ्फ्फ्फ़ ………ओफ्फ्फ्फ़ ………………म्मम्म ………….म्मम्म म्मम्मssssssssssssssssss …..
उसके पसीने से भीगे हुए मुम्मे मेरे मुंह पर पत्थर की तरह से ठोकर मार रहे थे और उनपर लगे हुए निप्पल मुझे शूल की तरह से चुभ रहे थे .
मेरे लंड ने उसकी चूत की उन सरहदों को पार किया था आज …जहाँ शायद इससे पहले किसी भी लंड की नजर नहीं पड़ी थी ..और शायद इसी वजह से अपने अन्दर की नयी टेरिटरी का उद्घाटन करवाकर अनीता भाभी को ज्यादा ख़ुशी हो रही थी ..
पर इसने जो मुझे काटा था उसका बदला लेना तो बनता ही था …मैंने आँखों ही आँखों में मुल्ला को देखा, जो अपने लंड को मसल-2 कर दोबारा तैयार कर चूका था …और इस बार उसका रूप पहले से ज्यादा भयंकर था …वो मेरा इशारा समझा और नंगा चलता हुआ अनीता भाभी के पीछे आया और उनकी गांड की तरफ झुक गया ..
ऐसा करता देखकर अमित के तेवर फिर से चढ़ गए
वो बोला : अबे मुल्ला ..साले …ये क्या कर रहा है
मुल्ला ने भी अपना गुस्सा उसे दिखाया, वो बोला : साले भेन चोद … . लाला क्या तेरा सगा वाला लगता है जो इससे अपनी बीबी की चूत मरवा रहा है …चुपचाप बैठा रह …और तमाशा देख ..वर्ना उस दिन का गुस्सा अभी भी हमारे अन्दर है जब तूने हमें अपनी शादी के बाद घर जाने को कह दिया था ..साला ..हम क्या तेरी बीबी के साथ सुहागरात मनाने वाले थे जो तेरी सुलग रही थी ..सिर्फ मजाक ही तो किया था ..अब देख ..उस दिन की कही हुई बात कैसे सच हो गयी ..तेरी वजह से ही, आज तेरी बीबी तेरे ही सामने हम सभी से चुद रही है …और तू कुछ नहीं कर पा रहा है …साले भडुवे ..
अपनी इतनी बेइज्जत्ति होती देखकर वो कुछ न बोला …और चुपचाप …खून का घूँट पीकर नीचे बैठ गया ..
उसकी ये हालत देखकर मेरे दिल को बड़ा सुकून मिला .
अब मुल्ला ने अनीता भाभी की फेली हुई गांड को थपथपाया …उसका लुब्रिकेंट चेक किया और अपने हथियार को उसकी गांड के छेद पर टिका दिया .
अनीता जो इतनी देर से उनकी बहस सुन रही थी ..उसको मालुम तो चल ही गया था की उसके मुख्य द्वार के आलावा अब उसके बेक डोर की भी बेंड बजने वाली है ..इसलिए वो दम साधे पीछे से होने वाले हमले की प्रतीक्षा करने लगी …और जब हमला हुआ तो उसके चेहरे पर आते हुए भाव देखकर मुझे ये एहसास हो गया की उसकी क्या हालत हो रही है
मुल्ला : ये साला घुस क्यों नहीं रहा …
वो अपना पूरा जोर लगा रहा था अपना मोटा लंड अनीता की गांड के छोटे से छेद में घुसाने के लिए .. वो नीचे झुका और अनीता भाभी की गांड के छेद पर थूक दिया और एक ऊँगली डालकर उसे चिकना कर दिया, और फिर जब लंड लगाकर उसने धक्का दिया तो एक ही झटके में आधे से ज्यादा लंड उनकी गांड का नाप ले रहा था ..
अनीता धक्के की वजह से उछल कर मेरे ऊपर लेट सी गयी … उसके मुम्मे मेरे मुंह को ढक कर मेरी साँसों को रोकने की कोशिश करने लगे ..
मैंने नीचे से और मुल्ला ने पीछे से उसपर धक्के लगाने शुरू कर दिए .
अनीता भाभी ने देखा की जोकर एक कोने में खड़ा हुआ अपने लंड को मसल कर इतना उत्तेजना से भरा हुआ खेल देख रहा है .
उन्हें उसपर तरस आ गया .. और उसे देखकर बोली : अरे देवर जी …आप भी आ जाओ …आप क्यों अकेले खड़े हैं ..आज भाभी की जवानी बाँट -2 कर आप सभी मजे लूटो …आओ न ..
इतने प्यार से उसने जोकर को बुलाया की वो उछलता हुआ उनके पास आकर खड़ा हो गया …और फिर भाभी ने आगे बढकर उसके लम्बे लंड को प्यार से देखा और उसकी आँखों में देखकर अपने रसीले होंठो के बीच फंसा लिया और आइसक्रीम की तरह से चूसने लगी .
अह्ह्हह्ह्ह्ह …ओह्ह्हह्ह्ह्ह भाभी …….म्मम्मम ….क्या चुस्ती हो अआप ….अह्ह्हह्ह …
सच में …भाभी ….जब से आपको देखा है ….100 से ज्यादा बार मुठ मारी है आपके नाम की …अह्ह्ह्ह ..और आज आपकी चूत चूसकर और अब अपना लंड चुस्वाकर मुझे जो मजा आपने दिया है ….ये जिन्दगी भर नहीं भूलूंगा ….. ये दिवाली का जुआ हमें हमेशा याद रहेगा .
जोकर सच कह रहा था …मुठ तो उसने क्या, मैंने भी मारी थी उनके नाम की कई बार …और आज किस्मत ऐसी मेहरबान हुई की जुए में पैसे के साथ – अनीता भाभी की चूत, गांड और सब कुछ करने को मिल गया …आज का दिन हम सभी दोस्त कभी नहीं भूलेंगे ..
हम सभी ने उसकी चूत, गांड और मुंह की रेल बना दी …मुल्ला का लुल्ला उसकी गांड के छल्ले को ढीला करने में, मेरा लंड उसकी चूत में नयी सीमा तलाशने में और जोकर का लंड उनके मुंह को सुरंग जैसा चोड़ा करके चोदने में लगा हुआ था .
पुरे कमरे में सेक्स की खुशबू फेली हुई थी …और फच -2 की आवाजों से पूरा कमरा गूँज रहा था .
अह्ह्हह्ह …अह्ह्हह्ह ओह्ह्ह्हह्ह म्मम्मम्म …… ऊऊऊ म्म्मम्म्म्मम्म ……
भाभी की सिस्कारिया हमें और भी तेजी से मारने की प्रेरणा दे रही थी।
और फिर जब हम तीनो के लंड से रस निकलकर अनीता भाभी की चूत, गांड और मुंह में गया तो उनके अन्दर तीनो लंडो से निकली नदियों का संगम हो गया .
और अनीता के चेहरे की त्रिप्तता देखकर अपने किये गए काम पर हम सभी को बड़ा गर्व हुआ .
सभी ने अपने-2 लंड बाहर निकाले, साफ़ सफाई की और कपडे पहन लिए …
अनीता भाभी ने अपने कपडे उठाये और नंगी ही मटकती हुई अपने कमरे में चली गयी …
और वो बेचारा अमित लुटा हुआ सा बैठ कर शायद यही सोच रहा था की कसम है मुझे अपने बाप की जो आज के बाद कभी जुआ खेला तो .

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