Best Hindi sex stories

Sab se achi Indian Hindi sex kahaniya!

बहन को अपनी बीवी और माँ बनाया


Click to Download this video!

हैल्लो दोस्तों, में का बहुत बड़ा फेन हूँ और मैंने अब तक बहुत सारी सेक्सी कहानियाँ पढ़ी है जो मुझे बहुत अच्छी लगी और में पिछले कुछ सालों से लगातार सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और फिर मैंने एक दिन सोचा कि क्यों ना में भी अपने वो सेक्स के पल जो जिंदगी भर के लिए मेरे लिए यादगार बन गए है उन्हे आप सभी के साथ बाटूँ और आप सभी को सच बता दूँ जिसको मैंने अब तक किसी को नहीं बताया, जिसमें मैंने अपनी बहन को उसकी मर्जी से बहुत मज़े लेकर बहुत जमकर चोदा और उसके जीवन को खुशियों से भर दिया उसको बड़े मज़े दिए और मैंने खुद भी बहुत मज़े किए.

दोस्तों में आप सभी को सबसे पहले अपनी बहन कविता के बारे में बता देता हूँ. जिसको मैंने चोदकर अपने बच्चे की माँ भी बनाया और उस बच्चे को पाकर वो बहुत खुश थी. दोस्तों मेरी बहन एक सावले रंग वाली लड़की है, लेकिन अब वो शादी होने के बाद एक औरत बन गई है जिसकी उम्र 27 साल है, लेकिन वो बहुत ही सेक्सी दिखती है और उसके बूब्स का आकार 40-30-38 है.

दोस्तों में शुरू से ही उसकी कातिल जवानी का बड़ा दीवाना था और में हर कभी मौका मिलने पर उसकी ब्रा और पेंटी से खेलता, उसको कपड़े बदलते हुए और नहाते हुए भी मौका मिलने पर देखता, उसके साथ मस्ती करते समय जानबूझ कर उसके सेक्सी गदराए हुए बदन को छूकर मज़े करता, लेकिन मेरी इन हरकतों के पीछे के मतलब को समझते हुए भी कभी मेरी दीदी ने कोई भी विरोध नहीं किया और जिसकी वजह से मुझे आगे बढ़ने और इन हरकतों को करने की हिम्मत मिलती रही और में करता रहा. मुझे किसी भी बात का डर नहीं था और में हर कभी अपनी बहन के नाम की मुठ मारकर अपनी आग को शांत करता था और यह सभी काम करना मुझे अच्छा लगता.

दोस्तों यह बात आज से एक साल पहले की बात है जब तक मेरी दीदी की शादी हो चुकी थी और उसका घर भी हमारे घर से कुछ दूरी पर ही था. उस समय मेरी दीदी मेरे घर पर आई हुई थी और घर पर उसको मेरी देखरेख करने के लिए माँ ने बुलाया था, क्योंकि मेरे मम्मी पापा को किसी काम से कुछ दिनों के लिए बाहर जाना था.

फिर मैंने ध्यान देकर उसको देखा कि तब मेरी दीदी बहुत परेशान नजर आ रही थी और उसके चेहरे पर हंसी नाम की चीज नहीं थी, वरना वो मुझसे हमेशा बहुत हंसी मजाक किया करती थी, लेकिन इस बात वो बहुत उदास रहने लगी और वो खाना भी समय पर पूरा पेट भरकर नहीं खा रही थी.

फिर उसको दुखी देखकर मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ? वैसे वो हमेशा मुझसे अपनी सभी तरह की बातें किया करती थी, लेकिन आज पहली बार वो बोली कि कुछ नहीं और में अपनी दीदी का चेहरा देखकर तुरंत समझ गया कि वो मुझसे कुछ तो छुपा रही है इसलिए कुछ देर के बाद मैंने दोबारा उससे ज़ोर देकर पूछा कि उसके इस तरह से उदास रहने की वजह क्या है?

तब जाकर उसने मुझे बताया कि तुम्हारे जीजाजी पिछले तीन महीने से बाहर गये हुए है और वो अपने काम की वजह से अधिकतर समय बाहर ही रहते है और उनको मेरे साथ रहने का समय ही नहीं मिलता. जिसकी वजह से मेरी जवानी उनके साथ के लिए तरस रही है और में जब भी तुम्हे देखती हूँ तो मेरे पूरे बदन में एक आग सी लग जाती है. अब तुम ही मुझे बताओ कि क्या करूं? मुझे तो कुछ भी समझ में नहीं आता? फिर मैंने अपनी दीदी की पीठ पर एक हाथ फेरते हुए मुस्कुराकर उनसे कहा कि बस इतनी सी बात आप पहले ही मुझसे कह देते में भी तो आख़िर आपका ही हूँ, लेकिन तब दीदी ने मुझसे कहा कि में अपने पति से ही करवाना चाहती हूँ और वो यह बात कहकर शरमाने लगी.

फिर मैंने उनसे कहा कि अच्छा यह बात है तो दीदी आप ऐसा करो कि आज से आप मुझे अपना पति ही बना लो तब तो आपको कोई आपत्ति नहीं होगी ना? अब दीदी ने मुझसे पूछा कि यह सब कैसे हो सकता है?

मैंने कहा कि हाँ जरुर हो सकता है मेरी प्यारी बहन और तुम ऐसा करो कि आज शाम को तुम अपनी शादी का जोड़ा पहनकर तैयार हो जाना और बाकी का सामान में अपने साथ ले आऊंगा. फिर उसी शाम को जब में अपने घर पहुंचा तो मैंने देखा कि मेरी सेक्सी दीदी अपनी शादी का जोड़ा पहनकर तैयार होकर खड़ी थी, जिसको देखकर मेरा मन मचलने लगा और वो उस समय बहुत सुंदर परी की तरह नजर आ रही थी. जिसको देखकर में बिल्कुल पागल हुआ जा रहा था, क्योंकि आज में पहली बार अपनी दीदी से शादी करके उसकी बहुत जमकर चुदाई करने वाला था और यह सपना मैंने बहुत समय से देख रखा था. मेरी वो इच्छा आज पूरी होने वाली थी.

दोस्तों में अपने साथ बाजार से उसके लिए एक मंगलसूत्र ले आया था और फिर मैंने अपनी दीदी से कहा कि चलो हम अब सात फेरे ले लेते है. फिर मैंने आग जलाई और दीदी के साथ वो फेरे लिए और फिर उसके बाद मैंने दीदी की माँग में मेरे नाम का सिंदूर भरा और उनको वो मंगलसूत्र पहनाया और उसे अपनी पत्नी बना लिया.

फिर मैंने देखा कि मेरी दीदी उस समय बहुत खुश नजर आ रही थी और उसके बाद में हम दोनों ने खान खाया और उसके बाद मैंने अपनी दीदी से बात करने के लिए दीदी शब्द काम में लिए और तभी उन्होंने मेरी बात को बीच में ही काटकर मुझसे कहा कि आज से तुम अकेले में मुझे आप नहीं कहोगे और ना ही दीदी शब्द का प्रयोग करोगे. आज से तुम मुझे बस कविता जानू कहोगे. फिर मैंने बहुत खुश होकर कहा कि कविता जानू में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और तुम बहुत अच्छी हो.

फिर दीदी कुछ देर बाद मेरी तरफ मुस्कुराती हुई अपने कमरे में चली गई और उस कमरे में मैंने पहले से ही हमारी सुहागरात की सेज को सज़ा रखा था और जब में अंदर पहुंचा तो मैंने देखा कि दीदी अब उस सेज पर बैठी हुई घूँघट में मेरा इंतजार कर रही थी और जब में उनके पास पहुंचा तो दीदी मुझे देखकर शरमाकर तुरंत खड़ी हो गई और उन्होंने मेरे पैर छुए और मैंने दीदी को उठाकर अपने गले से लगा लिया और उनसे कहा कि जानू आज से तुम्हारी जगह मेरे कदमो में नहीं अब मेरे दिल में है और फिर मैंने अपनी दीदी का घूंघट उठाया.

दोस्तों वो अपनी नज़र को झुकाकर खड़ी हुई थी. फिर मैंने उनसे कहा कि दीदी आज से पूरे 9 महीने के बाद आप माँ और में उस होने वाले बच्चे का बाप बन जाऊंगा. अब दीदी ने शरमाते हुए मुझसे कहा कि में तुम्हे तुम्हारा बच्चा ज़रूर दूँगी और फिर मैंने उनकी वो बात सुनकर तुरंत अपने होंठो को अपनी दीदी के नरम होंठो पर रख दिए और अब हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे थे कुछ देर बाद मेरे लंड में कड़कपन आने लगा था और वो धीरे धीरे खड़ा होने लगा था.

फिर कुछ देर बाद दीदी ने अपने होंठ पीछे हटा लिए और उन्होंने मुझसे कहा कि अब आप मेरा दूध पी लो और अब हम दोनों पलंग पर बैठ गए. फिर दीदी ने अपने ब्लाउज के ऊपर के दो बटन को खोलकर अपने हाथों से मुझे अपने निप्पल को मेरे मुहं में डालकर अपना दूध पिलाया और उनके दोनों बूब्स मेरे सामने थे. एक बूब्स की निप्पल मेरे मुहं में और दूसरा बूब्स मेरे हाथ में था में उनको ज़ोर ज़ोर से चूस रहा था और दबाकर निचोड़ भी रहा था.

फिर कुछ देर बूब्स का मज़ा लेने के बाद मैंने दीदी को लेटाकर अब में उनको पागलों की तरह प्यार करने लगा. तब तक दीदी की साँसे गरम हो गई थी और वो पूरी तरह से जोश में आ गई थी और उनके मुहं से आहह्ह्ह्हह ओउुउह्ह्ह्हह की आवाज़े आने लगी थी. फिर मैंने धीरे धीरे दीदी के ब्लाउज के बचे हुए बटन भी खोल दिए और तब मैंने ध्यान से देखा कि दीदी के वो बड़े बड़े बूब्स बहुत ही सेक्सी कामुक लग रहे थे और मैंने उनको ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा और दीदी मुझसे कहा रही थी उफ्फ्फफ्फ्फ़ हाँ राहुल और ज़ोर से उुऊईईईईइ दबाओ मुझे ऊऊम्‍म्म्म्मम्म बहुत मज़ा आ रहा है.

फिर मैंने अब दीदी को खड़ा करके उनके सभी कपड़े खोल दिए और साथ में अपने खुद के भी. दीदी मेरा लंड देखकर बहुत खुश हुई और वो मुझसे कहने लगी कि तुम्हारा लंड तो बहुत ही अच्छा है और यह बहुत बड़ा, मोटा भी है इतना कहने के बाद वो नीचे झुककर मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर चूसने लगी और वो अब मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी कि जैसे वो कोई लंड नहीं लोलीपोप चूस रही हो वो बड़े मज़े से मेरा लंड चूसती रही और में उसको गरम करने के लिए उसके बूब्स को सहला रहा था और वो ऐसे चूस रही थी कि जैसे कोई अनुभवी रंडी लंड को चूस रही हो, लेकिन कुछ देर चूसने के बाद वो लंड को छोड़कर नीचे लेट गई और वो मुझसे बोली कि राहुल अब तुम पत्नी की चूत को फाड़कर इसका भोसड़ा बना दो.

फिर मैंने कहा कि जानू आज से में तुम्हारी इतनी जमकर चुदाई करूंगा कि तुम मुझसे कहोगी कि मैंने ने एक अच्छे पति होने का फर्ज़ निभा दिया है और में तुम्हे पूरी तरह से संतुष्ट कर दूंगा और हमेशा बहुत खुश रखूंगा. बस तुम मेरा साथ देती रहो और फिर में दीदी के दोनों पैरों को मोड़कर उनकी प्यारी सी मासूम प्यासी चूत को देखने लगा और फिर अपने 6 इंच के लंड को चूत के मुहं पर रखकर मैंने एक धक्का दे दिया और दीदी ने दर्द की वजह से कुछ ज़्यादा ही ज़ोर से अपनी चीख मारते हुए मुझसे कहा ऊउईईईईइ माँ आह्ह्हह्ह्ह्ह में मर गई ऊफफ्फ्फ्फ़, लेकिन मुझे मज़ा आ गया और में ज़ोर ज़ोर से दीदी की चूत में लगातार अपना लंड अंदर बाहर डालता निकालता रहा और मैंने दीदी को करीब बीस मिनट तक बहुत जमकर चोदा और इस बीच दीदी दो बार झड़ गई थी और वो मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी.

फिर कुछ देर बाद मैंने अपना सारा गरम माल वीर्य अपनी दीदी की चूत में ही डाल दिया जिसकी वजह से दीदी बहुत खुश हुई और वो मुझे अपनी बाहों में लेकर चूम रही थी कुछ देर हम चिपककर लेटे रहे.

फिर गरमी ज़्यादा होने की वजह से हम दोनों नहाने के लिए बाथरूम में चले गए और पानी के नीचे करीब हम दोनों एक घंटे तक नहाते रहे. इस बीच मैंने दीदी को वहीं पर एक बार दोबारा चोद डाला और इस तरह से रात भर हम दोनों जमकर अपनी सुहागरात मनाते रहे और रातभर में मैंने दीदी को करीब पांच बार चोदा. जिसकी वजह से हम दोनों बहुत ज्यादा थक चुके थे और उसके अगले दिन रविवार का दिन था तो हम दोनों सुबह करीब 11:30 बजे सोकर उठे और फिर दीदी उठकर सीधा बाथरूम में नहाने चली गई, लेकिन में अब भी सो रहा था और नहाने के बाद दीदी चाय के साथ मेरे पास आई और वो बड़े प्यार से मुझे उठाने लगी.

तब दीदी को मैंने एक बार फिर से बिस्तर पर लेकर में उनको दोबारा चोदने लगा और दीदी बड़ी ख़ुशी ख़ुशी मुझसे अपनी चुदाई करवा रही थी और इस तरह से मज़े मस्ती चुदाई करते हुए हंसी ख़ुशी हमारे वो दिन निकलते चले गए मतलब वो पूरे दस दिन कब निकले. हमें पता ही नहीं चला और फिर हमारी मम्मी, पापा अब बाहर से आ गए थे. तभी दो दिन के दीदी के पास मेरे जीजाजी का फ़ोन आ गया उन्होंने कहा कि में तीन दिन में लिए आ रहा हूँ. तब दीदी ने माँ से कहा कि आप राहुल को कहो कि वो मुझे मेरे घर छोड़ आए और उसके जीजाजी कल शाम तक आने वाले है.

फिर अगले दिन में अपनी दीदी के साथ उनके घर पर गया और हम शाम को उनके घर पहुँचे तो उस दिन दीदी ने मेरे लिए मेरी पसंद का खाना बनाया और रात को हम दोनों उनके बिस्तर पर एक साथ थे. तब दीदी ने बहुत कम आवाज में शरमाते हुए मुझसे कहा कि में बाप बनने वाला हूँ.

फिर मुझे उनकी उस बात पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं हुआ और मैंने उनसे पूछा कि तुम्हे कैसे पता चला? तो दीदी ने मुझसे कहा कि आज पूरे चार दिन हो गये है और मुझे पीरियड नहीं आया है. वो बात सुनकर मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना ना रहा और उस रात को मैंने दीदी के बूब्स को खोलकर बहुत जमकर चूसा और फिर उनकी चूत भी चाटी और उनके मुहं में अपना लंड दिया और बहुत चुदाई की सुबह करीब पांच बजे उठकर में और दीदी नहाए और मैंने उसके बाद में दीदी की गांड मारी.

फिर दीदी ने मुझसे कहा कि में तुम्हारे वीर्य को अपने मुहं में लेना चाहती हूँ और फिर जैसे ही में झड़ने की स्थति में आया तो मैंने अपना लंड उसकी गांड से बाहर खींचकर उनके मुहं में डाल दिया और उसके बाद सुबह में और दीदी जीजाजी को लेने स्टेशन चले गए और उसके कुछ घंटो के बाद में भी अपने घर के लिए रवाना हो गया और अपने घर पर पहुंच गया.

फिर जब भी दीदी मेरे घर आती तो में सही मौका देखाकर उनके ऊपर चड़ जाता और उसकी चुदाई करने लगता और फिर वो दिन भी आ ही गया जब मेरी दीदी ने मेरे बच्चे को जन्म दिया और तब उन्होंने मुझसे कहा कि में इसकी मुहं दिखाई में तुम से सोने का हार लूँगी.

फिर मैंने उनसे कहा कि में अपने बच्चे और बीवी के लिए कई हार ला सकता हूँ और इतना सुनते ही दीदी ने मुझे अपने गले से लगा लिया और कहा में बस तुमसे मजाक कर रही हूँ, लेकिन जब वो पूरे दो महीने के बाद मुझसे अपनी चुदाई करवाने के लिए तैयार हुई तो मैंने उन्हे 15000/- रूपये का एक बहुत सुंदर हार गिफ्ट दिया और उस रात को मैंने अपनी दीदी को बहुत मस्त तरीके से लगातार जमकर चोदा और चुदाई के बड़े मज़े लिए. दोस्तों इतने दिनों की पूरी कसर निकाली और उसके अगले दिन दीदी अपने घर चली गई. अब जब भी वो दोबारा आएगी तब में उनको और अपने बच्चे को बहुत प्यार करूँगा और अपनी पत्नी यानी मेरी दीदी की चुदाई भी जरुर करूंगा.

Updated: December 18, 2016 — 12:06 am
Best Hindi sex stories © 2017
error:

Online porn video at mobile phone


choot masalahot & sexy story in hindimaa chudai hindi kahaniladki ki chaddimama in hindijabardast chudaidesi kama storieschoot kya hchacha chachi sexbeti ke sath sexdesi gaand chutdoctor ne gand marinew xxx in hindichudai story in hindi with picstudent ne ki teacher ki chudaikahani hindikuvari ki chudaimummy ki kali chutnew bhabhi ki chudai storybadi behan ki chudai hindi storymausi ki chut ki kahaniladki chodne ka photochudai sexy hindihindi seksantarvasna story chudaiantarvasna in hindi languagemaa chuditeacher sex hindiland ki kahanichhoti bahan ki chuthot chudai storyrep kahanidear bhabhi sexwww bhabhi ko choda commaa bete ko chodahindi me ladki ki chudaidevar bhabhi ki sex kahanibabita ke boobsmari gandbhabhi ki chut ki kahani hindihindi sex story pdf downloadindian kamwalichoda bhai neindian randi ki chuthindi mastram kahanichut ki pilaiinsect sex storieskama sex storebaap ne 10 saal ki beti ko chodasex chudai ki storychut aur sexamir aurat ki chudaibhabhi chodna sikhayasasur se chudwayaaunty kuttaantravasana hindi sexy storiesmumbai ki randi ki chudaisexy chudai storybra me chuchichachi ki chut ke photodudh sexbhabhi ki chudai newmere ghar ki randiyabur kya haimast mast chudai ki kahanichut lund sex storyantarvasna hindi sexyindian sex hindi kahaniyafriend ki chudai storybahan ki saheli ki chudaiteacher ke sath chudai storyseex storiesmaa bete ka sexstory chachi ki chudaividhava ammaxossip storiesaunty ki chudai photofree sexy kahanibhabhi sxesexy gaandsuhagraat ki chudai ki storysexy bhabhi sareehow to sex a girl in hindipakada pakadigandu ki chudaixxx sexi storysex story chachi ko chodamummy ne chodna sikhayahindi sex hindi sex hindi sex hindi sexmeri chut ki chudai ki kahani